मंगलवार, 15 मई 2012

शुक्र पारगमन के लिए कल से शुरू हो रहा है समर कैम्प 






















मेरठ के अलग अलग स्कूल में कार्यशाला 
६ जून के लिए मुख्या स्थल होगा एन.ऐ.एस.इंटर कोल्लेज का मैदान 
२० मई सुबहे ५ बजे से १० बजे तक मुख्या स्थल  होगा तैयार  उपकरणों का अभ्याष
मेरठ के लोग दुर्लभ घटना को देखने के लिए बना रहे है मन 
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा केंद्र होगा मेरठ 
 बच्चो और शिक्षको को शिखाया जायेगा देखने का तरीका !
मेरठ के किसी भी स्कूल में मांग पर सिखाने जाएगी टीम. 
आज मोहद मतीन अंसारी कपूरथला से प्रशिक्षण लेकर लोटे .इससे पूर्व देश की सबसे पहली वोर्क्शोप चंडीगढ़  में आयोजित हुई थी में शामिल हुए थे दीपक शर्मा 
आज हुए बैठक में डॉ. सरोज शर्मा ,सीमा जैन,दीपक शर्मा,मोहद.मतीन अंसारी  शामिल हुए.
दीपक शर्मा
संयोजक 
शुक्र पारगमन
mearth  

बुधवार, 28 मार्च 2012

विज्ञानं प्रसार ने दी मेरठ की गतिविधियों को भी जगह .


विज्ञानं प्रसार ने दी मेरठ की गतिविधियों को भी जगह .
सहयोग के लिए विज्ञानं प्रसार से जुड़े सभी को धन्यवाद साथ ही निमिष कपूर जी को भी !

गुरुवार, 15 मार्च 2012

१६ मार्च यानि कल हो रहे है दिन रात बराबर !


जी हा
१६ मार्च यानि कल हो रहे है दिन रात बराबर एक तरफ झा २१ मार्च को पूरी दुनिया दिन रात बराबर मानती आ रही है वही स्थानीय मेरठ के दिन रात १६ मार्च को ही बराबर हो रहे है यानि कल सूरज सुबह ६ बजकर २८ मिनट पर निकलेगा और शाम ६ बजकर २८ मिनट पर ही छिप जायेगा इसप्रकार १२ घंटे का दिन और इतने की ही रात होगी.
चेन्नई ११ मार्च को १२ घंट ८ सेकेंड
मुंबई १४ मार्च को १२ घंटा २७ सेकेंड
इंदौर १५ मार्च को १२ घंटा ३३ सेकेंड
१६ मार्च को
बिजनौर १२ घंटा २९ सेकेंड
मेरठ और मुज़फ्फर नगर १२ घंटा ३४ सेकेंड
दिल्ली और गाजिअबाद में १२ घंटा ३८ सेकेंड
दीपक शर्मा
सचिव
प्रगति विज्ञानं संस्था

गुरुवार, 1 मार्च 2012

खगोलीय मेहमान अपने आँगन में


३ मार्च को मंगल ,सूरज के अपोजिशन में होगा और यह एक इसी खगोलीय घटना है जब मंगल, सूरज और पृथ्वी के साथ १८० अंश को कोण बनता है यानि के तीनो एक लाइन में होते तकनिकी रूप से देखे तो एक सिद्ध में आना ही अपोजितिओं कहलाता है. ३ व् ४ मार्च की रात को १ बजकर ३५ मिनट पर सूरज ,पृथ्वी और मंगल तीनो एक सीध में होंगे हलाकि मंगल के पृथ्वी के नजदीक होने की बात कहे तो ५ मार्च की रात १० बजकर ३१ मिनट पर बेहद चमक के साथ अपनी चिरपरिचित लाल रंग में हमारे बेहद करीब होगा .साल २०१२ का मंगल को देखने का यह सबसे शानदार अवसर है अगला अवसर दो साल बाद आएगा .
५ मार्च को मंगल जब पृथ्वी के करीब होगा वही यह सूरज से दूर भी जा रहा होगा . इसकी सूरज से नजदीकी की बात करे तो यह २८ अगस्त २००३ को सबसे नजदीक था और अब उतना ही नजदीक २७ जुलाई २०१८ को होगा
आजकल आपके आँगन में पाँच खगोलीय मेहमान शुक्र ,जुपिटर, मून ,मंगल,और शनि आये हुए है भारतीय परम्परा के अनुसार अतिथि देवो भाव तब आइये इनका स्वागत और दीदार करे .
वैसे तो ये परब से पश्चिम के आकाशीय रस्ते में आपको नंगी आँखों से बेहद चमक के साथ दिख ही जायेंगे,पर अगर आपके पास अपनी दूरबीन है तो एक एक कर इनके खुबसूरत आकृति को भी देखा जा सकता है.
अपने बच्चो को ये खुबसूरत नजारा जरुर दिखाए तभी तो ये नौनिहाल अपने इन खगोलीय रिश्तेदारों को पहचान पायंगे. दीपक शर्मा ,सचिव , प्रगति विज्ञानं संस्था ,-०९३५८४१४४४२

सोमवार, 20 फ़रवरी 2012

शुभम ,विकास , अभिषेक ,लक्ष्य ,राहुल और हर्षित को मिला फ्रांस से प्रमाणपत्र






एरातोज प्रयोग में एन.ऐ.एस इंटर कॉलेज के बालक हुए श्रेस्ठ
शुभम ,विकास , अभिषेक ,लक्ष्य ,राहुल और हर्षित को मिला फ्रांस से प्रमाणपत्र
१५ से २० फरवरी के मध्य हुए प्रयोग में सबसे सटीक था परिणाम
आज हुए vedeokonfrensing में हुए घोषणा
बालको में विज्ञानं के प्रति समझ और ग्लोबल स्तर पर शिक्षा को विकसित करने के लिए पृथ्वी की परिधि नापने का प्रयोग किया गया . विशव भर में जहा १९ स्थानों पर यह प्रयोग हुआ वाही देश में चार जिलो में ६ स्थानों पर सूरज की सबसे छोटी परछाई के कोण की मदद से इस प्रयोग को पूरा किया गया .१५ फरवरी से चल रहे प्रयोग में आज एन .ऐ.एस इंटर कॉलेज में विदेओकोन्फ़्रन्सिन्ग दोपहर १.३० बजे हुए इसमें एन.ऐ. एस कोलेज के ग्रुप नंबर ५ के आकड़ो को सटीक मानते हुए उन्हें फ़ाइनल गणना में शामिल किया . इस ग्रुप का कोण ४२ अंश था . जबकि अन्त्र्रस्तिया सचिव एरिक दक्षिण अफ्रीका के मयोती दीप पर थे जहा कोण शुन्य था . दोनों जगह के आकड़ो को लेते हुए ही प्रथ्वी की परिधि ३९ हजार सात सो सत्तर आये .
भारत का प्र्तिनिध्तव करते हुए मेरठ से विदेओकोन्फ़्रसिन्ग देश के चारो स्थानों का प्र्तिनिध्तव किया गया . मेरठ से विकास ,बागपत का रोहित कुमार. यमुनानगर का मोहद. वसीम और गज़िअबाद का प्रस्तुतीकरण कल्पना सिंह ने किया .
इन पाच दिनों में भारत के ६०० लोगो ने इस प्रयोग में हिस्सा लिया .
इन चार जिलो की बात करे तो मेरठ से रोहित कुमार, यमुनानगर से दर्शन ब्बेजा ,बागपत से योगेश कुमार चौहान और गाज़ियाबाद से सुधा रानी कटियार ने अपने अपने जिलो में प्रयोग की कमान संभाली .
विदेओकोन्फ़्र्सिन्ग के अवसर पर माला ,मतीन अंसारी रुचिरा सिंह ,अंजू ,रियाजुद्दीन ,अनिल कुमार ,संतोस भारती , विनोद भी उपस्थित रहे.
दीपक शर्मा
समन्वयक
एरातोज प्रयोग
भारत.
09358414442

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

सिर से पांव तक हैं बाल, कैसे होगी इनकी शादी?


सिर से पांव तक हर जगह बेतरतीब ढंग से उगे बालों को लेकर परेशान तीन बहनों को इंतजार है कि कब लेजर सर्जरी से उनके बाल हट जाएंगे और उनकी शादी होगी। सविता, मोनिशा और सावित्री नाम की बहनें पुणे के छोटे से गांव की रहने वाली हैं और अपने पिता से मिली जेनेटिक वेयरवुल्फ सिंड्रोम बीमारी से परेशान हैं।

इस बीमारी में पूरे शरीर पर बाल उग आने की दिक्कत हो जाती है। यह बीमारी एक अरब बच्चों में किसी एक को होती है, लेकिन इनके केस में एक ही फैमिली में तीन बच्चों को है। ये अपनी बीमारी को लेकर इतनी चर्चा में हैं कि इन पर डॉक्युमेंट्री फिल्म बनाने की प्लानिंग हो रही है। दरअसल इनके पिता को यह बीमारी थी और उन्हीं से तीनों को मिली। तीनों बहनों का कहना है कि ऐसी कंडीशन में चेहरा भयानक दिखता है और स्कूल में भी सभी उनसे दूर-दूर रहते हैं।

एक की लेजर सर्जरी में करीब 3.5 लाख रुपए खर्च आता है, लेकिन फैमिली की आर्थिक हालत इतनी अच्छी नहीं है कि वह इतना खर्च उठा सके। फिर भी बहनों ने उम्मीद लगा रखी है कि एक दिन वे इन बालों से मुक्त होंगी और उनकी भी शादी होगी। sabhar ekhabar

रविवार, 5 फ़रवरी 2012

ये कैलेंडर नहीं बल्कि गणित की जानकारियों का पिटारा है



भारतीय गणितज्ञ रामानुजन की १२५ वि जयंती पर घोषित किया गया की अब हर बार २२ दिसंबर को रास्टीय गणित दिवस के रूप में मनाया जायेगा. और इस वर्ष को पूरा देश गणित वर्ष के रूप में मन रहा है. विज्ञानं प्रसार इसे जश्न के रूप में मना रहा है .इसी क्रम में विज्ञानं प्रसार ने गणित की जानकारी देने वाला कैलेंडर जरी किया है.
विज्ञानं प्रसार के वैज्ञानिक बी. के. त्यागी द्वारा जारी एक पत्र के साथ पुरे देश के विपनेट क्लबो को वितरित किया है. मेरठ में १५० विपनेट क्लब है यह कैलेंडर जब बच्चो को देखने को मिला तो वे ख़ुशी से उछल पड़े.
कैलेंडर में आर्कमिडीज ,आर्यभट ,ब्रह्मपुत्र ,लिओनार्दो ,एरातोस्थ्निज जॉन नापिएर ,लेओंहार्ड यूलर ,निकोलो, गिरोलामो ,कार्ल फ़्रिएद्रिच ,पिएरे सिमों, आइजक नयूटन, गोत्फ़्रिएद ,जेओर्ज बूले ,क्लौदे एल्वूद, जैसे महान गणित शास्त्री को जगह दी गये है.
बच्चे कहते है ये कैलेंडर नहीं बल्कि गणित की जानकारियों का पिटारा है.
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