रविवार, 25 दिसंबर 2011
मंगलवार, 20 दिसंबर 2011
शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011
मंगलवार, 13 दिसंबर 2011
चाँद छुपा पृथ्वी के आँचल में !


चाँद को ढकती पृथ्वी की परछाई, चन्द्र ग्रहण के दौरान चाँद की रौशनी में होते रहे परिवर्तन.जिला विज्ञानं क्लब ने प्रगति विज्ञानं संस्था के सहयोग से एन. ऐ.एस इंटर कॉलेज में थी रात भर चाँद तारो को देखने की वयवस्था.चाँद के साथ ही ब्रहस्पति और उसके चार उपग्रह देखने का मोह नहीं छोड़ पाए दर्शक. बदती और घटती परछाई की खगोलीय घटना का लुफ्त लिया मीरुत के लोगो ने.और ज्योतिषी कष्ट्कारी ग्रहण बताकर अपनी दुकान चलते रहे.आप ही सोचे की ये घटना किसको नुकसान पंहुचा रही थी.
सोमवार, 7 नवंबर 2011

पृथ्वी और चन्द्रमा के बिच से गुजरेगा एक उल्का पिंड
जी हा ९ नवम्बर को सुबह ४ बजकर ५८ मिनट पर पृथ्वी के सबसे नजदीक से २००५वाए ५५ नाम का एक उल्का पिंड जो ४०० मीटर चौड़ा है एक एयरक्राफ्ट जितना लंबा पृथ्वी के बेहद करीब यानि ३लाख २४ हजार छ:सो किलोमीटर दुरी से निकल जायेगा. हलाकि ये पहले भी केई बार पृथ्वी के नजदीक से निकल चूका है. पर ये पहली बार है जब विज्ञानिको को इसका पहले ही पता चल गया .शोध करने वालो को यह एक अच्छा अवसर मिला है. अमेचर खगोल वज्ञानिक ११ मग्नेतुड की चमक वाले इस आकाशीय पत्थर का फोटो खीच सकते है.इसे पूरब दिशा में ७० डिग्री पर इसे गुजरते हुए देखा जा सकता है
२०२९ में यह शुक्र से एक लाख पिचेह्त्र हजार किलोमीटर दूर से और २०४१ में पृथ्वी से मात्र दो लाख किलोमीटर पास से निकल जायेगा. हलाकि अभी इसके पृथ्वी से टकराने के कोई आसार नजर नहीं आते परन्तु जिस प्रकार इसकी दुरी घाट रही है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है.
दीपक शर्मा
रविवार, 6 नवंबर 2011





केला स्वस्थ्य कर रहा है या फिर बना रहा है रोगी ?
केले को हम सभी बड़े चाव के साथ खाते है पर इसके पकने के तरीके को देख कर शायद आपो भी अब केला खाने से खौफ खाने लगेंगे. मेने एक केले के थोक व्यापारी के जो कुछ देखा विश्वाश नहीं हो रहा था. पोधो को बढ़ने के लिए इस्तेमाल होने वाली इथेफोंन हेतोंन का प्रयोग केले को पकाने में प्रयोग हो रहा है. इस पर साफ लिखा है यह एक जहर है और बच्चो से इसे दूर रखे. हम केले को बिना धोये ही छिलते है और खाते है.और वह जहर थोड़ी थोड़ी मात्र में हमारे शारीर में जाता रहता है जो हमारी दीमाग की नशोको प्रभावित करता है तथा दिमाग की खतरनाक बिमारिय हमें दे जाता है. इससे बचने का एक ही तरीका है की केले या इस तरह से पकने वाले केले को बाल्टी के पाने खूब धोकर ही खाए.दीपक शर्मा
गुरुवार, 27 अक्टूबर 2011
आसमान में लाखो तारे एक मगर ढूंढे ना मिला !
आसमान में लाखो तारे एक मगर ढूंढे ना मिला !
देख के दुनिया की दीवाली दिल मेरा चुपचाप जला!!
ये दीवाली रौशनी के लिए थी या प्रदुषण के लिए !
दमा के रोगियो को कितनी तकलीफ हुए होगी ये उनसे बेहतर कोन जन सकता है. साथ ही कितने अरबो खरबों किट पतंगों की हत्या हम सभी ने पिछले तीन दिन में देर्शारी रौशनी करके कर दी इसकी रिपोर्ट खा दर्ज होगी कोई मार्गदर्शन करेगा?
प्रगति विज्ञानं संस्था ने जिला विज्ञानं क्लब के साथ पिछले चार दिन का डाटा गाँव और शहर की तुला करते हुए लिया .
स्थान २७ २६ २५ २४अक्तूबर
मेरठ .५ .५ १.०० १.५
मेरठ के गाँव १.५ १.५ २.५ २.४
टीम के साथी - अंजू-मुरलीपुर , रोहित अब्दुल्लापुर , आवेश शहजादपुर शहर से रियाजुद्दीन
दीपक शर्मा के नेत्रत्व में.
ये सभी आकडे साय ७.३० बजे लिए गये .
साथ ही आज जुपिटर जो बेहद चमक के साथ दीखता है वो भी दीवाली की चका चौंध में अपनी चमक खो चूका है मेरठ से इसका आज फोटो लिया गया.
फोटो में दिख रहे बच्चे अपनी दीवाली को यादगार बनान्क चाहते थे लकिन प्रदूषण ने उनकी इस इच्छा को धूमिल कर दिया !दीपक sharma
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